२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
क्नथ् (क्नथँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0911
धात्वर्थ: हिंसायाम् — मारना (to kill, to destroy, to hurt)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्नथति क्नथतः क्नथन्ति मध्यम क्नथसि क्नथथः क्नथथ उत्तम क्नथामि क्नथावः क्नथामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्नथतात् / क्नथताद् / क्नथतु क्नथताम् क्नथन्तु मध्यम क्नथ / क्नथतात् / क्नथताद् क्नथतम् क्नथत उत्तम क्नथानि क्नथाव क्नथाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्नथत् / अक्नथद् अक्नथताम् अक्नथन् मध्यम अक्नथः अक्नथतम् अक्नथत उत्तम अक्नथम् अक्नथाव अक्नथाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्नथेत् / क्नथेद् क्नथेताम् क्नथेयुः मध्यम क्नथेः क्नथेतम् क्नथेत उत्तम क्नथेयम् क्नथेव क्नथेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्नथिष्यति क्नथिष्यतः क्नथिष्यन्ति मध्यम क्नथिष्यसि क्नथिष्यथः क्नथिष्यथ उत्तम क्नथिष्यामि क्नथिष्यावः क्नथिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्नथिता क्नथितारौ क्नथितारः मध्यम क्नथितासि क्नथितास्थः क्नथितास्थ उत्तम क्नथितास्मि क्नथितास्वः क्नथितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चक्नाथ चक्नथतुः चक्नथुः मध्यम चक्नथिथ चक्नथथुः चक्नथ उत्तम चक्नथ / चक्नाथ चक्नथिव चक्नथिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्नथीत् / अक्नथीद् / अक्नाथीत् / अक्नाथीद् अक्नथिष्टाम् / अक्नाथिष्टाम् अक्नथिषुः / अक्नाथिषुः मध्यम अक्नथीः / अक्नाथीः अक्नथिष्टम् / अक्नाथिष्टम् अक्नथिष्ट / अक्नाथिष्ट उत्तम अक्नथिषम् / अक्नाथिषम् अक्नथिष्व / अक्नाथिष्व अक्नथिष्म / अक्नाथिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्नथ्यात् / क्नथ्याद् क्नथ्यास्ताम् क्नथ्यासुः मध्यम क्नथ्याः क्नथ्यास्तम् क्नथ्यास्त उत्तम क्नथ्यासम् क्नथ्यास्व क्नथ्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्नथिष्यत् / अक्नथिष्यद् अक्नथिष्यताम् अक्नथिष्यन् मध्यम अक्नथिष्यः अक्नथिष्यतम् अक्नथिष्यत उत्तम अक्नथिष्यम् अक्नथिष्याव अक्नथिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्नथ्यते क्नथ्येते क्नथ्यन्ते मध्यम क्नथ्यसे क्नथ्येथे क्नथ्यध्वे उत्तम क्नथ्ये क्नथ्यावहे क्नथ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्नथ्यताम् क्नथ्येताम् क्नथ्यन्ताम् मध्यम क्नथ्यस्व क्नथ्येथाम् क्नथ्यध्वम् उत्तम क्नथ्यै क्नथ्यावहै क्नथ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्नथ्यत अक्नथ्येताम् अक्नथ्यन्त मध्यम अक्नथ्यथाः अक्नथ्येथाम् अक्नथ्यध्वम् उत्तम अक्नथ्ये अक्नथ्यावहि अक्नथ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्नथ्येत क्नथ्येयाताम् क्नथ्येरन् मध्यम क्नथ्येथाः क्नथ्येयाथाम् क्नथ्येध्वम् उत्तम क्नथ्येय क्नथ्येवहि क्नथ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्नथिष्यते क्नथिष्येते क्नथिष्यन्ते मध्यम क्नथिष्यसे क्नथिष्येथे क्नथिष्यध्वे उत्तम क्नथिष्ये क्नथिष्यावहे क्नथिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त क्नथन — — क्नथनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त क्नाथक क्नाथकः क्नाथिका क्नाथकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त क्नथितृ क्नथिता क्नथित्री क्नथितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त क्नाथ्य क्नाथ्यः क्नाथ्या क्नाथ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) क्नथितव्य क्नथितव्यः क्नथितव्या क्नथितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त क्नथनीय क्नथनीयः क्नथनीया क्नथनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) क्नथित क्नथितः क्नथिता क्नथितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) क्नथितवत् क्नथितवान् क्नथितवती क्नथितवत् / क्नथितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) क्नथत् क्नथन् क्नथन्ती क्नथत् / क्नथद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त क्नथिष्यत् क्नथिष्यन् क्नथिष्यती / क्नथिष्यन्ती क्नथिष्यत् / क्नथिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) क्नथित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रक्नथ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) क्नथितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय क्नाथम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त क्नाथ क्नाथः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त क्नत्ति — क्नत्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चक्नथ्वस् चक्नथ्वान् चक्नथुषी चक्नथ्वत् / चक्नथ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।