२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
क्षल् (क्षलँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0980
धात्वर्थ: सञ्चलने — टपकना, झरना, चूना (to flow,to ooze,to drip)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षलति क्षलतः क्षलन्ति मध्यम क्षलसि क्षलथः क्षलथ उत्तम क्षलामि क्षलावः क्षलामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षलतात् / क्षलताद् / क्षलतु क्षलताम् क्षलन्तु मध्यम क्षल / क्षलतात् / क्षलताद् क्षलतम् क्षलत उत्तम क्षलानि क्षलाव क्षलाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षलत् / अक्षलद् अक्षलताम् अक्षलन् मध्यम अक्षलः अक्षलतम् अक्षलत उत्तम अक्षलम् अक्षलाव अक्षलाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षलेत् / क्षलेद् क्षलेताम् क्षलेयुः मध्यम क्षलेः क्षलेतम् क्षलेत उत्तम क्षलेयम् क्षलेव क्षलेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षलिष्यति क्षलिष्यतः क्षलिष्यन्ति मध्यम क्षलिष्यसि क्षलिष्यथः क्षलिष्यथ उत्तम क्षलिष्यामि क्षलिष्यावः क्षलिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षलिता क्षलितारौ क्षलितारः मध्यम क्षलितासि क्षलितास्थः क्षलितास्थ उत्तम क्षलितास्मि क्षलितास्वः क्षलितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चक्षाल चक्षलतुः चक्षलुः मध्यम चक्षलिथ चक्षलथुः चक्षल उत्तम चक्षल / चक्षाल चक्षलिव चक्षलिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षालीत् / अक्षालीद् अक्षालिष्टाम् अक्षालिषुः मध्यम अक्षालीः अक्षालिष्टम् अक्षालिष्ट उत्तम अक्षालिषम् अक्षालिष्व अक्षालिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षल्यात् / क्षल्याद् क्षल्यास्ताम् क्षल्यासुः मध्यम क्षल्याः क्षल्यास्तम् क्षल्यास्त उत्तम क्षल्यासम् क्षल्यास्व क्षल्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षलिष्यत् / अक्षलिष्यद् अक्षलिष्यताम् अक्षलिष्यन् मध्यम अक्षलिष्यः अक्षलिष्यतम् अक्षलिष्यत उत्तम अक्षलिष्यम् अक्षलिष्याव अक्षलिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षल्यते क्षल्येते क्षल्यन्ते मध्यम क्षल्यसे क्षल्येथे क्षल्यध्वे उत्तम क्षल्ये क्षल्यावहे क्षल्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षल्यताम् क्षल्येताम् क्षल्यन्ताम् मध्यम क्षल्यस्व क्षल्येथाम् क्षल्यध्वम् उत्तम क्षल्यै क्षल्यावहै क्षल्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षल्यत अक्षल्येताम् अक्षल्यन्त मध्यम अक्षल्यथाः अक्षल्येथाम् अक्षल्यध्वम् उत्तम अक्षल्ये अक्षल्यावहि अक्षल्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षल्येत क्षल्येयाताम् क्षल्येरन् मध्यम क्षल्येथाः क्षल्येयाथाम् क्षल्येध्वम् उत्तम क्षल्येय क्षल्येवहि क्षल्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षलिष्यते क्षलिष्येते क्षलिष्यन्ते मध्यम क्षलिष्यसे क्षलिष्येथे क्षलिष्यध्वे उत्तम क्षलिष्ये क्षलिष्यावहे क्षलिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त क्षलन — — क्षलनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त क्षालक क्षालकः क्षालिका क्षालकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त क्षलितृ क्षलिता क्षलित्री क्षलितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त क्षाल्य क्षाल्यः क्षाल्या क्षाल्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) क्षलितव्य क्षलितव्यः क्षलितव्या क्षलितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त क्षलनीय क्षलनीयः क्षलनीया क्षलनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) क्षलित क्षलितः क्षलिता क्षलितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) क्षलितवत् क्षलितवान् क्षलितवती क्षलितवत् / क्षलितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) क्षलत् क्षलन् क्षलन्ती क्षलत् / क्षलद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त क्षलिष्यत् क्षलिष्यन् क्षलिष्यती / क्षलिष्यन्ती क्षलिष्यत् / क्षलिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) क्षलित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रक्षल्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) क्षलितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय क्षालम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त क्षाल क्षालः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त क्षल्ति — क्षल्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चक्षल्वस् चक्षल्वान् चक्षलुषी चक्षल्वत् / चक्षल्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।