२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
कुच् (कुचँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0993
धात्वर्थ: सम्पर्चनकौटिल्यप्रतिष्टम्भविलेखनेषु — संपर्क करना, स्वच्छ करना, स्पर्श करना, टेढ़ा होना, टेढ़ा लिखना, रेखा खींचना (to contract,to cleanse, to touch, to shrink,to be crooked,to bend, to write, to delineate)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कोचति कोचतः कोचन्ति मध्यम कोचसि कोचथः कोचथ उत्तम कोचामि कोचावः कोचामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कोचतात् / कोचताद् / कोचतु कोचताम् कोचन्तु मध्यम कोच / कोचतात् / कोचताद् कोचतम् कोचत उत्तम कोचानि कोचाव कोचाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकोचत् / अकोचद् अकोचताम् अकोचन् मध्यम अकोचः अकोचतम् अकोचत उत्तम अकोचम् अकोचाव अकोचाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कोचेत् / कोचेद् कोचेताम् कोचेयुः मध्यम कोचेः कोचेतम् कोचेत उत्तम कोचेयम् कोचेव कोचेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कोचिष्यति कोचिष्यतः कोचिष्यन्ति मध्यम कोचिष्यसि कोचिष्यथः कोचिष्यथ उत्तम कोचिष्यामि कोचिष्यावः कोचिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कोचिता कोचितारौ कोचितारः मध्यम कोचितासि कोचितास्थः कोचितास्थ उत्तम कोचितास्मि कोचितास्वः कोचितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चुकोच चुकुचतुः चुकुचुः मध्यम चुकोचिथ चुकुचथुः चुकुच उत्तम चुकोच चुकुचिव चुकुचिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकोचीत् / अकोचीद् अकोचिष्टाम् अकोचिषुः मध्यम अकोचीः अकोचिष्टम् अकोचिष्ट उत्तम अकोचिषम् अकोचिष्व अकोचिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुच्यात् / कुच्याद् कुच्यास्ताम् कुच्यासुः मध्यम कुच्याः कुच्यास्तम् कुच्यास्त उत्तम कुच्यासम् कुच्यास्व कुच्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकोचिष्यत् / अकोचिष्यद् अकोचिष्यताम् अकोचिष्यन् मध्यम अकोचिष्यः अकोचिष्यतम् अकोचिष्यत उत्तम अकोचिष्यम् अकोचिष्याव अकोचिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुच्यते कुच्येते कुच्यन्ते मध्यम कुच्यसे कुच्येथे कुच्यध्वे उत्तम कुच्ये कुच्यावहे कुच्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुच्यताम् कुच्येताम् कुच्यन्ताम् मध्यम कुच्यस्व कुच्येथाम् कुच्यध्वम् उत्तम कुच्यै कुच्यावहै कुच्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकुच्यत अकुच्येताम् अकुच्यन्त मध्यम अकुच्यथाः अकुच्येथाम् अकुच्यध्वम् उत्तम अकुच्ये अकुच्यावहि अकुच्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कुच्येत कुच्येयाताम् कुच्येरन् मध्यम कुच्येथाः कुच्येयाथाम् कुच्येध्वम् उत्तम कुच्येय कुच्येवहि कुच्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कोचिष्यते कोचिष्येते कोचिष्यन्ते मध्यम कोचिष्यसे कोचिष्येथे कोचिष्यध्वे उत्तम कोचिष्ये कोचिष्यावहे कोचिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त कोचन — — कोचनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त कोचक कोचकः कोचिका कोचकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त कोचितृ कोचिता कोचित्री कोचितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त कोच्य कोच्यः कोच्या कोच्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) कोचितव्य कोचितव्यः कोचितव्या कोचितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त कोचनीय कोचनीयः कोचनीया कोचनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) कुचित कुचितः कुचिता कुचितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) कुचितवत् कुचितवान् कुचितवती कुचितवत् / कुचितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) कोचत् कोचन् कोचन्ती कोचत् / कोचद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त कोचिष्यत् कोचिष्यन् कोचिष्यती / कोचिष्यन्ती कोचिष्यत् / कोचिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) कुचित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रकुच्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) कोचितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय कोचम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त कोच कोचः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त कुक्ति — कुक्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चुकुच्वस् चुकुच्वान् चुकुचुषी चुकुच्वत् / चुकुच्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।