२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
लज् (ओँलजीँ)
तुदादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 06.0010
धात्वर्थ: व्रीडायाम् — लज्जित होना, मुँह छिपाना (to be ashamed,to be shy)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लजते लजेते लजन्ते मध्यम लजसे लजेथे लजध्वे उत्तम लजे लजावहे लजामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लजताम् लजेताम् लजन्ताम् मध्यम लजस्व लजेथाम् लजध्वम् उत्तम लजै लजावहै लजामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलजत अलजेताम् अलजन्त मध्यम अलजथाः अलजेथाम् अलजध्वम् उत्तम अलजे अलजावहि अलजामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लजेत लजेयाताम् लजेरन् मध्यम लजेथाः लजेयाथाम् लजेध्वम् उत्तम लजेय लजेवहि लजेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लजिष्यते लजिष्येते लजिष्यन्ते मध्यम लजिष्यसे लजिष्येथे लजिष्यध्वे उत्तम लजिष्ये लजिष्यावहे लजिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लजिता लजितारौ लजितारः मध्यम लजितासे लजितासाथे लजिताध्वे उत्तम लजिताहे लजितास्वहे लजितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लेजे लेजाते लेजिरे मध्यम लेजिषे लेजाथे लेजिध्वे उत्तम लेजे लेजिवहे लेजिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलजिष्ट अलजिषाताम् अलजिषत मध्यम अलजिष्ठाः अलजिषाथाम् अलजिध्वम् उत्तम अलजिषि अलजिष्वहि अलजिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लजिषीष्ट लजिषीयास्ताम् लजिषीरन् मध्यम लजिषीष्ठाः लजिषीयास्थाम् लजिषीध्वम् उत्तम लजिषीय लजिषीवहि लजिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलजिष्यत अलजिष्येताम् अलजिष्यन्त मध्यम अलजिष्यथाः अलजिष्येथाम् अलजिष्यध्वम् उत्तम अलजिष्ये अलजिष्यावहि अलजिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लज्यते लज्येते लज्यन्ते मध्यम लज्यसे लज्येथे लज्यध्वे उत्तम लज्ये लज्यावहे लज्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लज्यताम् लज्येताम् लज्यन्ताम् मध्यम लज्यस्व लज्येथाम् लज्यध्वम् उत्तम लज्यै लज्यावहै लज्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलज्यत अलज्येताम् अलज्यन्त मध्यम अलज्यथाः अलज्येथाम् अलज्यध्वम् उत्तम अलज्ये अलज्यावहि अलज्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लज्येत लज्येयाताम् लज्येरन् मध्यम लज्येथाः लज्येयाथाम् लज्येध्वम् उत्तम लज्येय लज्येवहि लज्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लजिष्यते लजिष्येते लजिष्यन्ते मध्यम लजिष्यसे लजिष्येथे लजिष्यध्वे उत्तम लजिष्ये लजिष्यावहे लजिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त लजन — — लजनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त लाजक लाजकः लाजिका लाजकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त लजितृ लजिता लजित्री लजितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त लाज्य लाज्यः लाज्या लाज्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) लजितव्य लजितव्यः लजितव्या लजितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त लजनीय लजनीयः लजनीया लजनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) लग्न लग्नः लग्ना लग्नम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) लग्नवत् लग्नवान् लग्नवती लग्नवत् / लग्नवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) लजमान लजमानः लजमाना लजमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) लजित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रलज्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) लजितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय लाजम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त लाग लागः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त लक्ति — लक्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त लेजिवस् लेजिवान् लेजुषी लेजिवत् / लेजिवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।