२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
भुज् (भुजोँ)
तुदादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 06.0153
धात्वर्थ: कौटिल्ये — वक्र होना, टेढ़ा होना (to bend,to curve,to be crooked)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भुजति भुजतः भुजन्ति मध्यम भुजसि भुजथः भुजथ उत्तम भुजामि भुजावः भुजामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भुजतात् / भुजताद् / भुजतु भुजताम् भुजन्तु मध्यम भुज / भुजतात् / भुजताद् भुजतम् भुजत उत्तम भुजानि भुजाव भुजाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अभुजत् / अभुजद् अभुजताम् अभुजन् मध्यम अभुजः अभुजतम् अभुजत उत्तम अभुजम् अभुजाव अभुजाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भुजेत् / भुजेद् भुजेताम् भुजेयुः मध्यम भुजेः भुजेतम् भुजेत उत्तम भुजेयम् भुजेव भुजेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भोक्ष्यति भोक्ष्यतः भोक्ष्यन्ति मध्यम भोक्ष्यसि भोक्ष्यथः भोक्ष्यथ उत्तम भोक्ष्यामि भोक्ष्यावः भोक्ष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भोक्ता भोक्तारौ भोक्तारः मध्यम भोक्तासि भोक्तास्थः भोक्तास्थ उत्तम भोक्तास्मि भोक्तास्वः भोक्तास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बुभोज बुभुजतुः बुभुजुः मध्यम बुभोजिथ बुभुजथुः बुभुज उत्तम बुभोज बुभुजिव बुभुजिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अभौक्षीत् / अभौक्षीद् अभौक्ताम् अभौक्षुः मध्यम अभौक्षीः अभौक्तम् अभौक्त उत्तम अभौक्षम् अभौक्ष्व अभौक्ष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भुज्यात् / भुज्याद् भुज्यास्ताम् भुज्यासुः मध्यम भुज्याः भुज्यास्तम् भुज्यास्त उत्तम भुज्यासम् भुज्यास्व भुज्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अभोक्ष्यत् / अभोक्ष्यद् अभोक्ष्यताम् अभोक्ष्यन् मध्यम अभोक्ष्यः अभोक्ष्यतम् अभोक्ष्यत उत्तम अभोक्ष्यम् अभोक्ष्याव अभोक्ष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भुज्यते भुज्येते भुज्यन्ते मध्यम भुज्यसे भुज्येथे भुज्यध्वे उत्तम भुज्ये भुज्यावहे भुज्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भुज्यताम् भुज्येताम् भुज्यन्ताम् मध्यम भुज्यस्व भुज्येथाम् भुज्यध्वम् उत्तम भुज्यै भुज्यावहै भुज्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अभुज्यत अभुज्येताम् अभुज्यन्त मध्यम अभुज्यथाः अभुज्येथाम् अभुज्यध्वम् उत्तम अभुज्ये अभुज्यावहि अभुज्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भुज्येत भुज्येयाताम् भुज्येरन् मध्यम भुज्येथाः भुज्येयाथाम् भुज्येध्वम् उत्तम भुज्येय भुज्येवहि भुज्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भोक्ष्यते भोक्ष्येते भोक्ष्यन्ते मध्यम भोक्ष्यसे भोक्ष्येथे भोक्ष्यध्वे उत्तम भोक्ष्ये भोक्ष्यावहे भोक्ष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त भोजन — — भोजनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त भोजक भोजकः भोजिका भोजकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त भोक्तृ भोक्ता भोक्त्री भोक्तृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त भोज्य भोज्यः भोज्या भोज्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) भोक्तव्य भोक्तव्यः भोक्तव्या भोक्तव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त भोजनीय भोजनीयः भोजनीया भोजनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) भुग्न भुग्नः भुग्ना भुग्नम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) भुग्नवत् भुग्नवान् भुग्नवती भुग्नवत् / भुग्नवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) भुजत् भुजन् भुजती / भुजन्ती भुजत् / भुजद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त भोक्ष्यत् भोक्ष्यन् भोक्ष्यती / भोक्ष्यन्ती भोक्ष्यत् / भोक्ष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) भुक्त्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रभुज्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) भोक्तुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय भोजम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त भोग भोगः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त भुक्ति — भुक्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त बुभुज्वस् बुभुज्वान् बुभुजुषी बुभुज्वत् / बुभुज्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।