२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें
ईज् (ईजँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0207
धात्वर्थ: गतिकुत्सनयोः — जाना, दोष लगाना, निन्दा करना (to go, to blame,to censure,to condemn, to insult, to ridicule, to revile, to criticise)
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ईजते
ईजेते
ईजन्ते
मध्यम
ईजसे
ईजेथे
ईजध्वे
उत्तम
ईजे
ईजावहे
ईजामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ईजताम्
ईजेताम्
ईजन्ताम्
मध्यम
ईजस्व
ईजेथाम्
ईजध्वम्
उत्तम
ईजै
ईजावहै
ईजामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ऐजत
ऐजेताम्
ऐजन्त
मध्यम
ऐजथाः
ऐजेथाम्
ऐजध्वम्
उत्तम
ऐजे
ऐजावहि
ऐजामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ईजेत
ईजेयाताम्
ईजेरन्
मध्यम
ईजेथाः
ईजेयाथाम्
ईजेध्वम्
उत्तम
ईजेय
ईजेवहि
ईजेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ईजिष्यते
ईजिष्येते
ईजिष्यन्ते
मध्यम
ईजिष्यसे
ईजिष्येथे
ईजिष्यध्वे
उत्तम
ईजिष्ये
ईजिष्यावहे
ईजिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ईजिता
ईजितारौ
ईजितारः
मध्यम
ईजितासे
ईजितासाथे
ईजिताध्वे
उत्तम
ईजिताहे
ईजितास्वहे
ईजितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ईजाञ्चक्रे / ईजामास / ईजाम्बभूव
ईजाञ्चक्राते / ईजामासतुः / ईजाम्बभूवतुः
ईजाञ्चक्रिरे / ईजामासुः / ईजाम्बभूवुः
मध्यम
ईजाञ्चकृषे / ईजामासिथ / ईजाम्बभूविथ
ईजाञ्चक्राथे / ईजामासथुः / ईजाम्बभूवथुः
ईजाञ्चकृढ्वे / ईजामास / ईजाम्बभूव
उत्तम
ईजाञ्चक्रे / ईजामास / ईजाम्बभूव
ईजाञ्चकृवहे / ईजामासिव / ईजाम्बभूविव
ईजाञ्चकृमहे / ईजामासिम / ईजाम्बभूविम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ऐजिष्ट
ऐजिषाताम्
ऐजिषत
मध्यम
ऐजिष्ठाः
ऐजिषाथाम्
ऐजिध्वम्
उत्तम
ऐजिषि
ऐजिष्वहि
ऐजिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ईजिषीष्ट
ईजिषीयास्ताम्
ईजिषीरन्
मध्यम
ईजिषीष्ठाः
ईजिषीयास्थाम्
ईजिषीध्वम्
उत्तम
ईजिषीय
ईजिषीवहि
ईजिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ऐजिष्यत
ऐजिष्येताम्
ऐजिष्यन्त
मध्यम
ऐजिष्यथाः
ऐजिष्येथाम्
ऐजिष्यध्वम्
उत्तम
ऐजिष्ये
ऐजिष्यावहि
ऐजिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ईज्यते
ईज्येते
ईज्यन्ते
मध्यम
ईज्यसे
ईज्येथे
ईज्यध्वे
उत्तम
ईज्ये
ईज्यावहे
ईज्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ईज्यताम्
ईज्येताम्
ईज्यन्ताम्
मध्यम
ईज्यस्व
ईज्येथाम्
ईज्यध्वम्
उत्तम
ईज्यै
ईज्यावहै
ईज्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ऐज्यत
ऐज्येताम्
ऐज्यन्त
मध्यम
ऐज्यथाः
ऐज्येथाम्
ऐज्यध्वम्
उत्तम
ऐज्ये
ऐज्यावहि
ऐज्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ईज्येत
ईज्येयाताम्
ईज्येरन्
मध्यम
ईज्येथाः
ईज्येयाथाम्
ईज्येध्वम्
उत्तम
ईज्येय
ईज्येवहि
ईज्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
ईजिष्यते
ईजिष्येते
ईजिष्यन्ते
मध्यम
ईजिष्यसे
ईजिष्येथे
ईजिष्यध्वे
उत्तम
ईजिष्ये
ईजिष्यावहे
ईजिष्यामहे
प्रत्यय
प्रयोग / अर्थ
प्रातिपदिक / अव्यय
पुंलिङ्ग
स्त्रीलिङ्ग
नपुंसकलिङ्ग
ल्युट्
भाववाचक/करणवाचक कृदन्त
ईजन
—
—
ईजनम्
ण्वुल्
कर्तृवाचक कृदन्त
ईजक
ईजकः
ईजिका
ईजकम्
तृच्
कर्तृवाचक कृदन्त
ईजितृ
ईजिता
ईजित्री
ईजितृ
ण्यत्
विध्यर्थक कृदन्त
ईज्य
ईज्यः
ईज्या
ईज्यम्
तव्य
विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए)
ईजितव्य
ईजितव्यः
ईजितव्या
ईजितव्यम्
अनीयर्
विध्यर्थक कृदन्त
ईजनीय
ईजनीयः
ईजनीया
ईजनीयम्
क्त
भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा)
ईजित
ईजितः
ईजिता
ईजितम्
क्तवतु
भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा)
ईजितवत्
ईजितवान्
ईजितवती
ईजितवत् / ईजितवद्
शानच्
वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद)
ईजमान
ईजमानः
ईजमाना
ईजमानम्
क्त्वा
पूर्वकालिक अव्यय (करके)
ईजित्वा
—
—
—
ल्यप्
पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके)
प्रेज्य
—
—
—
तुमुन्
निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए)
ईजितुम्
—
—
—
णमुल्
पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय
ईजम्
—
—
—
घञ्
भाववाचक कृदन्त
ईग
ईगः
—
—
क्तिन्
भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त
ईक्ति
—
ईक्तिः
—
क्वसु
भूतकालिक (लिट्) कृदन्त
ईजाम्बभूवस्
ईजाम्बभूवान्
ईजाम्बभूषी
ईजाम्बभूवत् / ईजाम्बभूवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।
ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।