२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
लम्ब् (लबिँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0439
धात्वर्थ: अवस्रंसने शब्दे च — शब्द करना, लटकना, आधा नीचे गिरना (to hang down)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लम्बते लम्बेते लम्बन्ते मध्यम लम्बसे लम्बेथे लम्बध्वे उत्तम लम्बे लम्बावहे लम्बामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लम्बताम् लम्बेताम् लम्बन्ताम् मध्यम लम्बस्व लम्बेथाम् लम्बध्वम् उत्तम लम्बै लम्बावहै लम्बामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलम्बत अलम्बेताम् अलम्बन्त मध्यम अलम्बथाः अलम्बेथाम् अलम्बध्वम् उत्तम अलम्बे अलम्बावहि अलम्बामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लम्बेत लम्बेयाताम् लम्बेरन् मध्यम लम्बेथाः लम्बेयाथाम् लम्बेध्वम् उत्तम लम्बेय लम्बेवहि लम्बेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लम्बिष्यते लम्बिष्येते लम्बिष्यन्ते मध्यम लम्बिष्यसे लम्बिष्येथे लम्बिष्यध्वे उत्तम लम्बिष्ये लम्बिष्यावहे लम्बिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लम्बिता लम्बितारौ लम्बितारः मध्यम लम्बितासे लम्बितासाथे लम्बिताध्वे उत्तम लम्बिताहे लम्बितास्वहे लम्बितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ललम्बे ललम्बाते ललम्बिरे मध्यम ललम्बिषे ललम्बाथे ललम्बिध्वे उत्तम ललम्बे ललम्बिवहे ललम्बिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलम्बिष्ट अलम्बिषाताम् अलम्बिषत मध्यम अलम्बिष्ठाः अलम्बिषाथाम् अलम्बिध्वम् उत्तम अलम्बिषि अलम्बिष्वहि अलम्बिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लम्बिषीष्ट लम्बिषीयास्ताम् लम्बिषीरन् मध्यम लम्बिषीष्ठाः लम्बिषीयास्थाम् लम्बिषीध्वम् उत्तम लम्बिषीय लम्बिषीवहि लम्बिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलम्बिष्यत अलम्बिष्येताम् अलम्बिष्यन्त मध्यम अलम्बिष्यथाः अलम्बिष्येथाम् अलम्बिष्यध्वम् उत्तम अलम्बिष्ये अलम्बिष्यावहि अलम्बिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लम्ब्यते लम्ब्येते लम्ब्यन्ते मध्यम लम्ब्यसे लम्ब्येथे लम्ब्यध्वे उत्तम लम्ब्ये लम्ब्यावहे लम्ब्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लम्ब्यताम् लम्ब्येताम् लम्ब्यन्ताम् मध्यम लम्ब्यस्व लम्ब्येथाम् लम्ब्यध्वम् उत्तम लम्ब्यै लम्ब्यावहै लम्ब्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अलम्ब्यत अलम्ब्येताम् अलम्ब्यन्त मध्यम अलम्ब्यथाः अलम्ब्येथाम् अलम्ब्यध्वम् उत्तम अलम्ब्ये अलम्ब्यावहि अलम्ब्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लम्ब्येत लम्ब्येयाताम् लम्ब्येरन् मध्यम लम्ब्येथाः लम्ब्येयाथाम् लम्ब्येध्वम् उत्तम लम्ब्येय लम्ब्येवहि लम्ब्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम लम्बिष्यते लम्बिष्येते लम्बिष्यन्ते मध्यम लम्बिष्यसे लम्बिष्येथे लम्बिष्यध्वे उत्तम लम्बिष्ये लम्बिष्यावहे लम्बिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त लम्बन — — लम्बनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त लम्बक लम्बकः लम्बिका लम्बकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त लम्बितृ लम्बिता लम्बित्री लम्बितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त लम्ब्य लम्ब्यः लम्ब्या लम्ब्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) लम्बितव्य लम्बितव्यः लम्बितव्या लम्बितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त लम्बनीय लम्बनीयः लम्बनीया लम्बनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) लम्बित लम्बितः लम्बिता लम्बितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) लम्बितवत् लम्बितवान् लम्बितवती लम्बितवत् / लम्बितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) लम्बमान लम्बमानः लम्बमाना लम्बमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) लम्बित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रलम्ब्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) लम्बितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय लम्बम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त लम्ब लम्बः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त लम्प्ति — लम्प्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त ललम्ब्वस् ललम्ब्वान् ललम्बुषी ललम्ब्वत् / ललम्ब्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।