🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:33:55 PM · CDSHARMA.IN

📘 धातु-रूपावली

२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें

शूल् (शूलँ)

भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0604
धात्वर्थ: रुजायां सङ्घाते सङ्कोषे च — पेट दुखना, पीड़ा होना, आंव पड़ना, बीमार होना, शूल पर चढ़ना (to be ill,to have stomach ache, to have pain)

लट् लकार वर्तमान काल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमशूलतिशूलतःशूलन्ति
मध्यमशूलसिशूलथःशूलथ
उत्तमशूलामिशूलावःशूलामः

लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमशूलतात् / शूलताद् / शूलतुशूलताम्शूलन्तु
मध्यमशूल / शूलतात् / शूलताद्शूलतम्शूलत
उत्तमशूलानिशूलावशूलाम

लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअशूलत् / अशूलद्अशूलताम्अशूलन्
मध्यमअशूलःअशूलतम्अशूलत
उत्तमअशूलम्अशूलावअशूलाम

विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमशूलेत् / शूलेद्शूलेताम्शूलेयुः
मध्यमशूलेःशूलेतम्शूलेत
उत्तमशूलेयम्शूलेवशूलेम

लृट् लकार सामान्य भविष्यत्

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमशूलिष्यतिशूलिष्यतःशूलिष्यन्ति
मध्यमशूलिष्यसिशूलिष्यथःशूलिष्यथ
उत्तमशूलिष्यामिशूलिष्यावःशूलिष्यामः

लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमशूलिताशूलितारौशूलितारः
मध्यमशूलितासिशूलितास्थःशूलितास्थ
उत्तमशूलितास्मिशूलितास्वःशूलितास्मः

लिट् लकार परोक्ष भूतकाल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमशुशूलशुशूलतुःशुशूलुः
मध्यमशुशूलिथशुशूलथुःशुशूल
उत्तमशुशूलशुशूलिवशुशूलिम

लुङ् लकार सामान्य भूतकाल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअशूलीत् / अशूलीद्अशूलिष्टाम्अशूलिषुः
मध्यमअशूलीःअशूलिष्टम्अशूलिष्ट
उत्तमअशूलिषम्अशूलिष्वअशूलिष्म

आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमशूल्यात् / शूल्याद्शूल्यास्ताम्शूल्यासुः
मध्यमशूल्याःशूल्यास्तम्शूल्यास्त
उत्तमशूल्यासम्शूल्यास्वशूल्यास्म

लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअशूलिष्यत् / अशूलिष्यद्अशूलिष्यताम्अशूलिष्यन्
मध्यमअशूलिष्यःअशूलिष्यतम्अशूलिष्यत
उत्तमअशूलिष्यम्अशूलिष्यावअशूलिष्याम

ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें