२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
बिन्द् (बिदिँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0066
धात्वर्थ: अवयवे — टुकड़े होना, विभक्त होना, अलग hona (to split,to cleave,to divide)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बिन्दति बिन्दतः बिन्दन्ति मध्यम बिन्दसि बिन्दथः बिन्दथ उत्तम बिन्दामि बिन्दावः बिन्दामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बिन्दतात् / बिन्दताद् / बिन्दतु बिन्दताम् बिन्दन्तु मध्यम बिन्द / बिन्दतात् / बिन्दताद् बिन्दतम् बिन्दत उत्तम बिन्दानि बिन्दाव बिन्दाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अबिन्दत् / अबिन्दद् अबिन्दताम् अबिन्दन् मध्यम अबिन्दः अबिन्दतम् अबिन्दत उत्तम अबिन्दम् अबिन्दाव अबिन्दाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बिन्देत् / बिन्देद् बिन्देताम् बिन्देयुः मध्यम बिन्देः बिन्देतम् बिन्देत उत्तम बिन्देयम् बिन्देव बिन्देम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बिन्दिष्यति बिन्दिष्यतः बिन्दिष्यन्ति मध्यम बिन्दिष्यसि बिन्दिष्यथः बिन्दिष्यथ उत्तम बिन्दिष्यामि बिन्दिष्यावः बिन्दिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बिन्दिता बिन्दितारौ बिन्दितारः मध्यम बिन्दितासि बिन्दितास्थः बिन्दितास्थ उत्तम बिन्दितास्मि बिन्दितास्वः बिन्दितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बिबिन्द बिबिन्दतुः बिबिन्दुः मध्यम बिबिन्दिथ बिबिन्दथुः बिबिन्द उत्तम बिबिन्द बिबिन्दिव बिबिन्दिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अबिन्दीत् / अबिन्दीद् अबिन्दिष्टाम् अबिन्दिषुः मध्यम अबिन्दीः अबिन्दिष्टम् अबिन्दिष्ट उत्तम अबिन्दिषम् अबिन्दिष्व अबिन्दिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बिन्द्यात् / बिन्द्याद् बिन्द्यास्ताम् बिन्द्यासुः मध्यम बिन्द्याः बिन्द्यास्तम् बिन्द्यास्त उत्तम बिन्द्यासम् बिन्द्यास्व बिन्द्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अबिन्दिष्यत् / अबिन्दिष्यद् अबिन्दिष्यताम् अबिन्दिष्यन् मध्यम अबिन्दिष्यः अबिन्दिष्यतम् अबिन्दिष्यत उत्तम अबिन्दिष्यम् अबिन्दिष्याव अबिन्दिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बिन्द्यते बिन्द्येते बिन्द्यन्ते मध्यम बिन्द्यसे बिन्द्येथे बिन्द्यध्वे उत्तम बिन्द्ये बिन्द्यावहे बिन्द्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बिन्द्यताम् बिन्द्येताम् बिन्द्यन्ताम् मध्यम बिन्द्यस्व बिन्द्येथाम् बिन्द्यध्वम् उत्तम बिन्द्यै बिन्द्यावहै बिन्द्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अबिन्द्यत अबिन्द्येताम् अबिन्द्यन्त मध्यम अबिन्द्यथाः अबिन्द्येथाम् अबिन्द्यध्वम् उत्तम अबिन्द्ये अबिन्द्यावहि अबिन्द्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बिन्द्येत बिन्द्येयाताम् बिन्द्येरन् मध्यम बिन्द्येथाः बिन्द्येयाथाम् बिन्द्येध्वम् उत्तम बिन्द्येय बिन्द्येवहि बिन्द्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बिन्दिष्यते बिन्दिष्येते बिन्दिष्यन्ते मध्यम बिन्दिष्यसे बिन्दिष्येथे बिन्दिष्यध्वे उत्तम बिन्दिष्ये बिन्दिष्यावहे बिन्दिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त बिन्दन — — बिन्दनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त बिन्दक बिन्दकः बिन्दिका बिन्दकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त बिन्दितृ बिन्दिता बिन्दित्री बिन्दितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त बिन्द्य बिन्द्यः बिन्द्या बिन्द्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) बिन्दितव्य बिन्दितव्यः बिन्दितव्या बिन्दितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त बिन्दनीय बिन्दनीयः बिन्दनीया बिन्दनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) बिन्दित बिन्दितः बिन्दिता बिन्दितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) बिन्दितवत् बिन्दितवान् बिन्दितवती बिन्दितवत् / बिन्दितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) बिन्दत् बिन्दन् बिन्दन्ती बिन्दत् / बिन्दद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त बिन्दिष्यत् बिन्दिष्यन् बिन्दिष्यती / बिन्दिष्यन्ती बिन्दिष्यत् / बिन्दिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) बिन्दित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रबिन्द्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) बिन्दितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय बिन्दम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त बिन्द बिन्दः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त बिन्ति — बिन्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त बिबिन्द्वस् बिबिन्द्वान् बिबिन्दुषी बिबिन्द्वत् / बिबिन्द्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।