२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
पुष् (पुषँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0797
धात्वर्थ: पुष्टौ — पालन करना, पोषण करना (to nourish,to bring up,to support, to protect, to take care, to feed)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पोषति पोषतः पोषन्ति मध्यम पोषसि पोषथः पोषथ उत्तम पोषामि पोषावः पोषामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पोषतात् / पोषताद् / पोषतु पोषताम् पोषन्तु मध्यम पोष / पोषतात् / पोषताद् पोषतम् पोषत उत्तम पोषाणि पोषाव पोषाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपोषत् / अपोषद् अपोषताम् अपोषन् मध्यम अपोषः अपोषतम् अपोषत उत्तम अपोषम् अपोषाव अपोषाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पोषेत् / पोषेद् पोषेताम् पोषेयुः मध्यम पोषेः पोषेतम् पोषेत उत्तम पोषेयम् पोषेव पोषेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पोषिष्यति पोषिष्यतः पोषिष्यन्ति मध्यम पोषिष्यसि पोषिष्यथः पोषिष्यथ उत्तम पोषिष्यामि पोषिष्यावः पोषिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पोषिता पोषितारौ पोषितारः मध्यम पोषितासि पोषितास्थः पोषितास्थ उत्तम पोषितास्मि पोषितास्वः पोषितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुपोष पुपुषतुः पुपुषुः मध्यम पुपोषिथ पुपुषथुः पुपुष उत्तम पुपोष पुपुषिव पुपुषिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपोषीत् / अपोषीद् अपोषिष्टाम् अपोषिषुः मध्यम अपोषीः अपोषिष्टम् अपोषिष्ट उत्तम अपोषिषम् अपोषिष्व अपोषिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्यात् / पुष्याद् पुष्यास्ताम् पुष्यासुः मध्यम पुष्याः पुष्यास्तम् पुष्यास्त उत्तम पुष्यासम् पुष्यास्व पुष्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपोषिष्यत् / अपोषिष्यद् अपोषिष्यताम् अपोषिष्यन् मध्यम अपोषिष्यः अपोषिष्यतम् अपोषिष्यत उत्तम अपोषिष्यम् अपोषिष्याव अपोषिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्यते पुष्येते पुष्यन्ते मध्यम पुष्यसे पुष्येथे पुष्यध्वे उत्तम पुष्ये पुष्यावहे पुष्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्यताम् पुष्येताम् पुष्यन्ताम् मध्यम पुष्यस्व पुष्येथाम् पुष्यध्वम् उत्तम पुष्यै पुष्यावहै पुष्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपुष्यत अपुष्येताम् अपुष्यन्त मध्यम अपुष्यथाः अपुष्येथाम् अपुष्यध्वम् उत्तम अपुष्ये अपुष्यावहि अपुष्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्येत पुष्येयाताम् पुष्येरन् मध्यम पुष्येथाः पुष्येयाथाम् पुष्येध्वम् उत्तम पुष्येय पुष्येवहि पुष्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पोषिष्यते पोषिष्येते पोषिष्यन्ते मध्यम पोषिष्यसे पोषिष्येथे पोषिष्यध्वे उत्तम पोषिष्ये पोषिष्यावहे पोषिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त पोषण — — पोषणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त पोषक पोषकः पोषिका पोषकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त पोषितृ पोषिता पोषित्री पोषितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त पोष्य पोष्यः पोष्या पोष्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) पोषितव्य पोषितव्यः पोषितव्या पोषितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त पोषणीय पोषणीयः पोषणीया पोषणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) पुषित पुषितः पुषिता पुषितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) पुषितवत् पुषितवान् पुषितवती पुषितवत् / पुषितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) पोषत् पोषन् पोषन्ती पोषत् / पोषद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त पोषिष्यत् पोषिष्यन् पोषिष्यती / पोषिष्यन्ती पोषिष्यत् / पोषिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) पुषित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रपुष्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) पोषितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय पोषम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त पोष पोषः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त पुष्टि — पुष्टिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त पुपुष्वस् पुपुष्वान् पुपुषुषी पुपुष्वत् / पुपुष्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।