२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
कृप् (कृपँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0875
धात्वर्थ: कृपायां गतौ च (to pitty, to do favor, to go)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कल्पते कल्पेते कल्पन्ते मध्यम कल्पसे कल्पेथे कल्पध्वे उत्तम कल्पे कल्पावहे कल्पामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कल्पताम् कल्पेताम् कल्पन्ताम् मध्यम कल्पस्व कल्पेथाम् कल्पध्वम् उत्तम कल्पै कल्पावहै कल्पामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकल्पत अकल्पेताम् अकल्पन्त मध्यम अकल्पथाः अकल्पेथाम् अकल्पध्वम् उत्तम अकल्पे अकल्पावहि अकल्पामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कल्पेत कल्पेयाताम् कल्पेरन् मध्यम कल्पेथाः कल्पेयाथाम् कल्पेध्वम् उत्तम कल्पेय कल्पेवहि कल्पेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कल्पिष्यते कल्पिष्येते कल्पिष्यन्ते मध्यम कल्पिष्यसे कल्पिष्येथे कल्पिष्यध्वे उत्तम कल्पिष्ये कल्पिष्यावहे कल्पिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कल्पिता कल्पितारौ कल्पितारः मध्यम कल्पितासे कल्पितासाथे कल्पिताध्वे उत्तम कल्पिताहे कल्पितास्वहे कल्पितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चकॢपे चकॢपाते चकॢपिरे मध्यम चकॢपिषे चकॢपाथे चकॢपिध्वे उत्तम चकॢपे चकॢपिवहे चकॢपिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकल्पिष्ट अकल्पिषाताम् अकल्पिषत मध्यम अकल्पिष्ठाः अकल्पिषाथाम् अकल्पिध्वम् उत्तम अकल्पिषि अकल्पिष्वहि अकल्पिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कल्पिषीष्ट कल्पिषीयास्ताम् कल्पिषीरन् मध्यम कल्पिषीष्ठाः कल्पिषीयास्थाम् कल्पिषीध्वम् उत्तम कल्पिषीय कल्पिषीवहि कल्पिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकल्पिष्यत अकल्पिष्येताम् अकल्पिष्यन्त मध्यम अकल्पिष्यथाः अकल्पिष्येथाम् अकल्पिष्यध्वम् उत्तम अकल्पिष्ये अकल्पिष्यावहि अकल्पिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कॢप्यते कॢप्येते कॢप्यन्ते मध्यम कॢप्यसे कॢप्येथे कॢप्यध्वे उत्तम कॢप्ये कॢप्यावहे कॢप्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कॢप्यताम् कॢप्येताम् कॢप्यन्ताम् मध्यम कॢप्यस्व कॢप्येथाम् कॢप्यध्वम् उत्तम कॢप्यै कॢप्यावहै कॢप्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अकॢप्यत अकॢप्येताम् अकॢप्यन्त मध्यम अकॢप्यथाः अकॢप्येथाम् अकॢप्यध्वम् उत्तम अकॢप्ये अकॢप्यावहि अकॢप्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कॢप्येत कॢप्येयाताम् कॢप्येरन् मध्यम कॢप्येथाः कॢप्येयाथाम् कॢप्येध्वम् उत्तम कॢप्येय कॢप्येवहि कॢप्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम कल्पिष्यते कल्पिष्येते कल्पिष्यन्ते मध्यम कल्पिष्यसे कल्पिष्येथे कल्पिष्यध्वे उत्तम कल्पिष्ये कल्पिष्यावहे कल्पिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त कल्पन — — कल्पनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त कल्पक कल्पकः कल्पिका कल्पकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त कल्पितृ कल्पिता कल्पित्री कल्पितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त कल्प्य कल्प्यः कल्प्या कल्प्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) कल्पितव्य कल्पितव्यः कल्पितव्या कल्पितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त कल्पनीय कल्पनीयः कल्पनीया कल्पनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) कॢपित कॢपितः कॢपिता कॢपितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) कॢपितवत् कॢपितवान् कॢपितवती कॢपितवत् / कॢपितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) कल्पमान कल्पमानः कल्पमाना कल्पमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) कल्पित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रकॢप्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) कल्पितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय कल्पम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त कल्प कल्पः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त कॢप्ति — कॢप्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चकॢप्वस् चकॢप्वान् चकॢपुषी चकॢप्वत् / चकॢप्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।